-----कल के उत्तम भविष्य के लिए आज बिजली बचायें ----- उपकरणों के उपभोग के बाद तुरन्त बन्द कर दें ----- आग लगे भवन की बिजली तुरन्त बन्द कर दें ----- अधिक क्षमता वाले बल्बों के स्थान पर कम क्षमता वाले बल्बों का उपयोग करें ----- कम्पैक्ट-लोरेसेन्ट का प्रयोग करें ----- जीवन्त अधिष्ठापन पर कदापि कार्य न करें, बल्कि अधिष्ठापन की बिजली बन्द करके ही कार्य करें ----- एयर कण्डीशन का कम से कम उपयोग करें -----
अध्याय- 9

चल चित्र गृह (सिनेमा) के विद्युतीय अधिष्ठापनों का निरीक्षण

1.

उत्तर प्रदेश सिनेमाटोग्राफी रूल्स,1951 के अधीन किसी चलचित्र गृह को लाइसेंस दिये जाने से पहले उसके विद्युतीय अधिष्ठापन के सम्बन्ध में विद्युत निरीक्षक का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना आवश्यक है । इसके लिये निदेशालय द्वारा चलचित्र गृह का निरीक्षण करने पर यदि विद्युतीय अधिष्ठापन नियमों का अनुपालन करते हुए पाया जाता है तो आवश्यक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है ।

2.

चलचित्र गृह के विद्युतीय अधिष्ठापन का कार्य प्रारम्भ करने के पूर्व गृहस्वामी भवन में प्रस्तावित विद्युत अधिष्ठापन का रेखाचित्र सम्बन्धित क्षेत्र के उप निदेशक के कार्यालय में तीन प्रतियों में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाना चाहिये । रेखाचित्र के अनुमोदन हो जाने पर अनुमोदित रेखाचित्र के अनुसार ही विद्युतीय अधिष्ठापन का कार्य किसी लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से कराया जाना चाहिये।
 

3.

विद्युतीय अधिष्ठापन का कार्य पूरा हो जाने पर चलचित्र गृह का निरीक्षण करने के लिये निर्धारित शुल्क का भुगतान प्रदेश के किसी सरकारी कोषागार में जमा करके चालान की प्राप्तांकित प्रति विद्युतीय अधिष्ठापन का कार्यपूरक प्रमाण पत्र के साथ प्रार्थना पत्र सहायक निदेशक के कार्यालय में प्रेषित किया जाना चाहिये। चल चित्र गृह के सम्बन्ध में देय निरीक्षण शुल्क का विवरण परिशिष्ट-3.2 पर है।
 

4.

चलचित्र गृह में किये जाने वाले विद्युतीय अधिष्ठापन के सम्बन्ध में आवश्यक नियम, उत्तर प्रदेश सिनेमाटोग्राफ रूल्स, 1951 के नियम-25 में दिये गये हैं ।
 

5.

निरीक्षण शुल्क का भुगतान सरकारी कोषागार में निम्नलिखित लेखाशीर्षक के अन्तर्गत किया जाता है:-

’’0043-बिजली पर कर और शुल्क,

103-सिनेमा के विद्युतीय निरीक्षण के लिये फीस‘‘ ।