----- कल के उत्तम भविष्य के लिए आज बिजली बचायें ----- उपकरणों के उपभोग के बाद तुरन्त बन्द कर दें ----- आग लगे भवन की बिजली तुरन्त बन्द कर दें ----- अधिक क्षमता वाले बल्बों के स्थान पर कम क्षमता वाले बल्बों का उपयोग करें -----कम्पैक्ट-लोरेसेन्ट का प्रयोग करें ----- जीवन्त अधिष्ठापन पर कदापि कार्य न करें, बल्कि अधिष्ठापन की बिजली बन्द करके ही कार्य करें ----- एयर कण्डीशन का कम से कम उपयोग करें -----

अध्याय-3

भारतीय विद्युत नियमावली, 1956 के अधीन विभिन्न अधिष्ठापनों का प्रारम्भिक तथा नियतकालिक निरीक्षण

1- विद्युतीय अधिष्ठापनों के सम्बन्ध में विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा भारतीय विद्युत नियमावली, 1956 के अन्तर्गत निम्नलिखित प्रारम्भिक निरीक्षण सम्पादित किये जाते हैं:-

(क) नियम-51 के अन्तर्गत मीडियम वोल्टेज विद्युतीय अधिष्ठापन का प्रारम्भिक निरीक्षण ।

(ख) नियम-47-’ए‘ के अन्तर्गत 10 किलोवाट से अधिक क्षमता के जनरेटर्स के विद्युतीय अधिष्ठापन का निरीक्षण ।

(ग) नियम-50 ’क‘ के अन्तर्गत बहुमंजले भवनों(ऊंचाई 15मीटर से अधिक)के विद्युतीय अधिष्ठापनों का निरीक्षण ।

(घ) नियम-63 के अन्तर्गत हाई वोल्टेज तथा एक्सट्रा हाई वोल्टेज के विद्युतीय अधिष्ठापनों का निरीक्षण ।

2- भारतीय विद्युत नियमावली,1956 के नियम-46 के अन्तर्गत लो वोल्टेज के (वाणिज्यिक), मीडियम वोल्टेज तथा हाई वोल्टेज के समस्त विद्युतीय अधिश्ठापनों का निरीक्षण निर्धारित अंतराल पर किया जाता है । उत्तर प्रदेश ऊर्जा अनुभाग-3 की अधिसूचना संख्या-1389पी-3/94-23-106 /पी-93, दिनांक 06 मई, 1994 के अंतर्गत विद्युतीय अधिश्ठापनों का नियतकालिक निरीक्षण निम्नलिखित अंतराल पर किया जाता है:-

(अ) समस्त उच्च,अति उच्च और मध्यम वोल्टेज संस्थापनों का निरीक्षण और परीक्षण तीन वर्श में एक बार किया जायेगा ।

(ब) समस्त निम्न वोल्टेज के संस्थापनो का निरीक्षण और परीक्षण पॉच वर्शो में एक बार किया जायेगा ।

3- विद्युतीय अधिष्ठापनों के लिये निरीक्षण शुल्क का निर्धारण उत्तर प्रदेश शासन,ऊर्जा अनुभाग-3 में निर्धारित है, कि

अधिसूचना संख्या-1435 पी-3/98-24-47/पी-91, दिनांक 29 जून, 1998 में निर्धारित है ।

4- निरीक्षण शुल्क का भुगतान प्रदेश के सरकारी कोषागार में निम्नलिखित लेखा शीर्षक के अन्तर्गत किया जाता है:-

 

हेड ऑफ एकाउन्ट:-

0043-विद्युत पर कर तथा शुल्क,

102- भारतीय विद्युत नियमावली के अन्तर्गत फीस ।

ट्रेजरी चालान, लेखा शीर्षक का सत्यापन निदेशालय के कार्यालय से कराया जा सकता है ।

5- विद्युतीय अधिष्ठापनों के निरीक्षण के लिए निर्धारित शुल्क सरकारी कोषागार में जमा करके चालान की प्राप्तांकित प्रार्थना पत्र के साथ सम्बन्धित कार्यालय को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। प्रार्थना पत्र के साथ लाईसेंस प्राप्त ठेकेदार जिसने विद्य़ुतीय अधिष्ठापन का कार्य सम्पादित किया है उससे प्राप्त कार्यपूरक प्रमाण पत्र मूल रूप में संलग्न किया जाना चाहिए ।

6- हाई वोल्टेज विद्युतीय अधिष्ठापनों का कार्य आरम्भ करने से पूर्व अधिष्ठापन के रेखाचित्र का अनुमोदन कराना आवश्यक है । इसके लिये विद्युतीय अधिष्ठापन का रेखाचित्र तीन प्रतियों में प्रस्तुत करना होता है । अनुमोदित रेखाचित्र के अनुसार कार्य पूरा हो जाने पर निर्धारित निरीक्षण शुल्क का ट्रेजरी चाालान कार्यपूरक प्रमाण पत्र तथा हाई वोल्टेज उपकरणों के टेस्ट सर्टिफिकेट के साथ प्रार्थना पत्र सम्बन्धित काया्रलय में प्रस्तुत करें ।

7- चलचित्र ग्रहों के विद्युतीय अधिष्ठापनों का निरीक्षण उत्तर प्रदेश सिनेमाटोग्राफ रूल्स,1952 के अधीन किया जाता है । चलचित्र ग्रह के प्रस्तावित विद्युतीय अधिष्ठापन का रेखाचित्र तीन प्रतियों में निदेशालय के रीजनल कार्यालय में प्रस्तुत करके उसका अनुमोदन करायें । अनुमोदित रेखाचित्र के अनुसार विद्युतीय अधिष्ठापन का कार्य पूरा हो जाने, निरीक्षण शुल्क का ट्रेजरी चालान तथा कार्य पूरक प्रमाण पत्र के साथ निरीक्षण हेतु सम्बन्धित जोनल कार्यालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करें।

8- विद्युत अधिष्ठापनों की अर्थिगं के सम्बन्ध में निर्धारित अर्थ प्लेट तथा अर्थ स्ट्रिप की नाप निदेशालय के पत्र संख्या 567 ला0अनु0/जनरल (बी0एण्ड एल0फार्म), दिनांकः 26.02.1991 में निर्धारित की गई है ।