-----कल के उत्तम भविष्य के लिए आज बिजली बचायें ----- उपकरणों के उपभोग के बाद तुरन्त बन्द कर दें ----- आग लगे भवन की बिजली तुरन्त बन्द कर दें ----- अधिक क्षमता वाले बल्बों के स्थान पर कम क्षमता वाले बल्बों का उपयोग करें -----कम्पैक्ट-लोरेसेन्ट का प्रयोग करें ----- जीवन्त अधिष्ठापन पर कदापि कार्य न करें, बल्कि अधिष्ठापन की बिजली बन्द करके ही कार्य करें ----- एयर कण्डीशन का कम से कम उपयोग करें -----
परिशिष्ट-3.3

क्रम संख्या- 326 (क-4)

उत्तर प्रदेश शासन

ऊर्जा अनुभाग-3

संख्या 941/चौबीस-पी-3-2009

लखनऊः दिनांक -07 सितम्बर, 2009

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अधिसूचना

प0आ0--853

इण्डियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 1956 के नियम-7 (2) एवं नियम-46 के प्राविधानों के अन्तर्गत निर्गत शासकीय अधिसूचना संख्या-1435 पी-3/98-24-47 पी /91, दिनांक 29 जून, 1998 का अतिक्रमण करके राज्यपाल उक्त रूल्स के अधीन परीक्षण तथा निरीक्षण के लिये शुल्क लगाने और सामान्यतया सरकारी विद्युत सुरक्षा निदेशालय की सेवाओं को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित आदेश देते हैं:-

उत्तर प्रदेश परीक्षण तथा निरीक्षण के लिए फीस लगाने का आदेश, 2009

(इण्डियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 का नियम 7 और 46 देखिये)

1. यह आदेश उत्तर प्रदेश परीक्षण तथा निरीक्षण के लिए फीस लगाने का आदेश और प्रारम्भ 2009 कहलायेगा।

2. यह इस अधिसूचना के दिनांक से प्रवृत्त होगा।

परिभाषाएं: 2- इस आदेश में प्रयुक्त पदों और पदावलियों के वही अर्थ होंगें जो उनके लिये इण्डियन इलैक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 मे दिये गये हैं, सिवाय इसके कि इस आदेश के प्रयोजनार्थः-

(क) ‘‘स्वामी’’ के अन्तर्गत किसी ऐसे भवन, स्थान वाहन या जलयान (वैसेल) का, जिसमें ऊर्जा (एनर्जी) उत्पन्न प्राप्त या प्रयुक्त की जाती हो या की जाने वाली हो, अध्यासी भी है,

(ख) किसी भी विद्युत अधिष्ठापन या उपकरण के निरीक्षण परीक्षण या जॉच के अभिदेश से ’’आरम्भिक’’ का तात्पर्य ऐसे प्रथम निरीक्षण से होगा, जो उसे प्रयोग मे लाये जाने के पूर्व या पश्चात या छः महीने या उससे अधिक की अवधि के लिये बिना सम्भरण के उसके पुनः संयोजन पर विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा किये जायें और इसके अन्तर्गत ऐसा प्रथम निरीक्षण परीक्षण या जॉच भी होगी जो किसी वर्तमान अधिष्ठापन में कोई विस्तार या परिवर्तन करने के कारण करना आवश्यक हो ; सिवाय उन निरीक्षण, परीक्षण या जॉच के जो विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अनुदेशों के अधीन किसी दोषपूर्ण अधिष्ठापन में जिसका निरीक्षण उक्त निदेशालय द्वारा पहले ही किया जा चुका हो, सुधार करने के एक मात्र प्रयोजन से किये जायं ;

(ग) किसी विद्युत अधिष्ठापन या उपकरण के निरीक्षण, परीक्षण या जॉच के अभिदेश मे, ’’नियतकालिक’’ का तात्पर्य इण्डियन इलैक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 के नियम-46 के अनुसरण में किये गये निरीक्षण या जॉच से होगा ;

(घ) किसी विद्युत अधिष्ठापन या उपकरण के निरीक्षण, परीक्षण या जॉच के अभिदेश मे, ’’अनुवर्ती’’ का तात्पर्य ऐसे निरीक्षण या परीक्षण से होगा, जो किसी अधिष्ठापन या उपकरण के सम्बन्ध में यह पाये जाने पर कि आरम्भिक या किसी भी अन्य निरीक्षण के दौरान इण्डियन इलैक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 की संगत अपेक्षाओं का उल्लंघन हुआ है, करना आवश्यक है ;

(ड़) ‘‘लाइसेंसधारी’’ के अन्तर्गत यू0पी0पावर कारपोरेशन लिमिटेड/विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और ऐसा व्यक्ति भी होगा, जो इलैक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा-14 के अधीन सरकार से स्वीकृति प्राप्त करके ऊर्जा सम्भरण करने के कारोबार में लगा हो।

शुल्क: 3- समय-समय पर यथा संशेाधित दि इलैक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 और इण्डियन इलैक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 के अधीन रहते हुये परीक्षण और निरीक्षण (जिसमें नियत कालिक निरीक्षण भी सम्मिलित है) के लिये और सामान्यतः विद्युत सुरक्षा निदेशालय की सेवाओं के लिये निम्नलिखित शर्तों के अधीन रहते हुये शुल्क लगाया जायेगा तथा अनुसूची में निर्दिष्ट व्यक्तियों से और मानक्रमों के अनुसार ’’वसूल किया‘‘ जायेगा।

1. मानक्रम ‘‘क’’ से ‘‘घ’’ में निर्दिष्ट किसी भी निरीक्षण, परीक्षण या जॉच की स्थिति में, किसी ऐसे द्वितीय या अनुवर्ती निरीक्षण, परीक्षण या जॉच होने के लिये जो इसी प्रकार के निरीक्षण या जॉच होने के, जिसके लिये नियत शुल्क का भुगतान किया जा चुका हो, बारह मास की अवधि के भीतर की जाये कोई भी शुल्क तब तक नहीं लगाया जायेगा जब तक कि इसी प्रकार का और निरीक्षण, परीक्षण या जॉच आवेदन पत्र देने पर या इण्डियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स, 1956 के नियम-46 के अधीन राज्य सरकार द्वारा विहित नियतकालिकता (पीरियाडिसिटी) के अनुसरण में न की जाय या अधिष्ठापन में कोई विस्तार या परिवर्तन करने के फलस्वरूप ऐसा करना आवश्यक हो, न हो या विद्युत सुरक्षा निदेशालय की राय में, जो अभिलिखित की जायेगी, एक्ट या तदधीन बनाये गये नियमों के किसी उपबन्ध का उल्लंघन करने के कारण या लाइसेंसधारी या स्वामी द्वारा विद्युत सुरक्षा निदेशालय के किसी लिखित आदेश को नियत समय के भीतर पालन करने में उपेक्षा या चूक करने के कारण आवश्यक न हो।

2. किसी अधिष्ठापन कें अनुवर्ती निरीक्षण या परीक्षण के लिये यदि आरम्भिक या किसी भी अन्य निरीक्षण के दौरान त्रुटियों का पता चलने के फलस्वरूप ऐसा करना आवश्यक हो, शुल्क मानक्रम ’’क‘‘ से ’’ड़‘‘ के अधीन विहित शुल्क के बराबर होगा।

3. मानक्रम -‘‘च’’ से ‘‘ट’’ में विनिर्दिष्ट किसी निरीक्षण, परीक्षण या जॉच की स्थिति में किसी निरीक्षण, परीक्षण या जॅाच के लिये कोई शुल्क नहीं लगाया जायेगा, जब तक कि:-

(एक)
(एक) ऐसा निरीक्षण,परीक्षण या जॉच प्रार्थना पत्र देने पर, या इण्डियन इलेाक्ट्रीसिटी रूल्स, 1956 के नियम-46 के अधीन नियतकालिक निरीक्षण करने के लिये न किया जाये, या,

 

(दो)
विद्युत सुरक्षा निदेशालय का यह समाधान न हो जाये, जो अपना समाधान होने के कारणों को अभिलिखित करेगा कि निरीक्षित, परीक्षित या जॉचा गया अधिष्ठापन या उपकरण एक्ट या तदधीन बनाये गये किसी नियम के उपबन्धेां के अनुसार नहीं है और उस स्थिति में, आरम्भिक तथा अनुवर्ती निरीक्षण के लिये शुल्क लगायें जायेगं।

 

(तीन)
अनुवर्ती निरीक्षण और परीक्षण, यदि आरम्भिक या नियतकालिक निरीक्षण के दौरान त्रुटियों का पता चलने के फलस्वरूप ऐसा करना आवष्यक हो, के लिये मानक्रम ’’घ‘‘ से ’’ड‘‘ के सम्बन्ध में इन मानक्रमों में विहित पूरी फीस।

4.(1) इस आदेश के अधीन देय शुल्कों का भुगतान अग्रिम रूप से सरकारी कोषागार में निम्नलिखित लेखा शीर्षकों के अधीन किया जायेगा,

(क)-शीर्शक-’’0043-विद्युत कर तथा शुल्क, 102-भारतीय विद्युत नियमावली के अंतर्गत फीस‘‘ के अधीन मानक्रम ’’ड‘‘ एवं ’’ण‘‘ से भिन्न मानक्रमों के लिये,

(ख)-शीर्षक-’’0043-विद्युत कर तथा शुल्क, 103-सिनेमा के विद्युतीय निरीक्षण के लिये फीस‘‘ के अधीन मानक्रम ’’ण‘‘ के लिये,

(ग)-शीर्षक-’’0043-विद्युत कर तथा शुल्क, 800-अन्य प्राप्तियां‘‘ के अधीन मानक्रम ’’ड.‘‘ के लिये,

(2) फीस का भुगतान राज्य सरकार के गैर वाणिज्यिक विभागों को छोड़कर, जहां अन्यथा व्यवस्था की गयी हो, उसके सिवाय, अधिष्ठापन के स्वामी द्वारा किया जायेगा।

(3) यदि किसी उपभोक्ता या सम्भरणकर्ता के अनुरोध पर,  किसी विद्युत अधिश्ठापन या उपकरण का निरीक्षण, परीक्षण या जॉच करने के लिये यात्रा की जाय और यदि निरीक्षण अधिकारी के पहॅुचने पर कोई भी अधिष्ठापन या उपकरण न मिले तो भी विहित फीस ली जायेगी।

अनुसूची

मानक्रम ‘‘क’’

सिवाय उन मामलों में जिनके सम्बन्ध में मानक्रम’’ख‘‘ से ’’ड‘‘ विशिष्ट रूप से लागू होते हैं किसी विद्युत अधिष्ठापन या उपकरण जिसे ऊर्जा मध्यम या उच्च दबाव पर सम्भरित की जाती हो या की जाने वाली हो, के निरीक्षण, परीक्षण या जॉच के लिये:-

अधिष्ठापन आदि का संयोजित भार (कनेक्टड लोड)

आरम्भिक या नियतकालिक निरीक्षण के लिये फीस

(वर्तमान दर) आरम्भिक या नियतकालिक निरीक्षण के लिये फीस (संशोधित दरें)

1

2

                       3
10 किलोवाट तक और इसे सम्मिलित करके
135 रूपया 500 रूपया
10 किलोवाट से अधिक किन्तु 20 किलोवाट से अनाधिक 225 रूपया 675 रूपया
20 किलोवाट से अधिक किन्तु 50 किलोवाट से अनाधिक 450 रूपया 1350 रूपया
50 किलोवाट से अधिक किन्तु 100 किलोवाट से अनाधिक 675 रूपया 2000 रूपया
100 किलोवाट से अधिक किन्तु 500 किलोवाट से अनाधिक 675रूपया तथा 100 किलोवाट से अधिक प्रत्येक 20 किलोवाट या उसके भाग के लिये 135 रूपया अतिरिक्त 2000 रूपया तथा 100 किलोवाट से अधिक प्रत्येक 20 किलोवाट या उसके भाग के लिये 400 रूपया अतिरिक्त
500 किलोवाट से अधिक किन्तु 1000 किलोवाट से अनाधिक 3375 रूपया तथा 500 किलोवाट से अधिक प्रत्येक 50 किलोवाट या उसके भाग के लिये 270 रूपये अतिरिक्त 10000 रूपया तथा 500 कि0वाट से अधिक प्रत्येक 50 कि0वाट या उसके भाग के लिये 1000 रूपये अतिरिक्त
1000 किलोवाट से अधिक 6750 रूपया 22500 रूपया