-----कल के उत्तम भविष्य के लिए आज बिजली बचायें ----- उपकरणों के उपभोग के बाद तुरन्त बन्द कर दें ----- आग लगे भवन की बिजली तुरन्त बन्द कर दें ----- अधिक क्षमता वाले बल्बों के स्थान पर कम क्षमता वाले बल्बों का उपयोग करें ----- कम्पैक्ट-लोरेसेन्ट का प्रयोग करें ----- जीवन्त अधिष्ठापन पर कदापि कार्य न करें, बल्कि अधिष्ठापन की बिजली बन्द करके ही कार्य करें ----- एयर कण्डीशन का कम से कम उपयोग करें -----

विद्युत दुर्घटना होने पर क्या करें:

 

1. दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को किसी लकड़ी या रबर के डण्डे की सहायता से बिजली से अलग करें।

 

2. उपलब्ध प्रथम उपचार करें हृदय गति रूकने पर उसे चालू करने हेतु मुंह से मुंह द्वारा या सीने पर मालिश करके कृत्रिम स्वांस तुरन्त दें।

 

3. डाक्टर को बुलायें।

 

4. पुलिस को सूचना दें।

 
5. पुलिस सप्लायर को सूचना दें।
 

6. विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सम्बन्धित कार्यालय को सूचना दें।

 

7. यथासम्भव मृतक का पोस्टमार्टम करवायें।

 

प्रत्येक विद्युत से हुई दुर्घटना की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा की जाती है जिससे दुर्घटना की रोकथाम कीजा सके, दोषी को दण्डित किया जा सकें, एवं इस सम्बन्ध में हुई क्षति की पूर्ति की जा सके। अतः इस सम्बन्ध में सावधान एवं सतर्क रहें जिससे आप मिलने वाले सम्बन्धित लाभ से वंचित न हो सकें।

प्रत्येक विद्युतीय दुर्घटना की सूचना विद्युत सुरक्षा निदेशालय को दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य एवं आवश्यक है। कृपया इसमें लापरवाही, असावधानी न बरतें अन्यथा परेशानी में पड़ सकते हैं तथा दण्डित किये जा सकते हैं।